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नवरात्रि में कन्या पूजन विधि

 नवरात्रि पर्व कन्या पूजन विधान विशेष 〰🌼〰🌼〰🌼〰🌼〰🌼〰 नवरात्र पर्व  के दौरान कन्या पूजन का बडा महत्व है। नौ कन्याओं को नौ देवियों के प्रतिविंब के रूप में पूजने के बाद ही भक्त का नवरात्र व्रत पूरा होता है। अपने सामर्थ्य के अनुसार उन्हें भोग लगाकर दक्षिणा देने मात्र से ही मां दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों को उनका मनचाहा वरदान देती हैं। कन्या पूजन के लिए निर्दिष्ट दिन 〰🌼〰🌼〰🌼〰🌼〰 कुछ लोग नवमी के दिन भी कन्या पूजन करते हैं लेकिन अष्टमी के दिन कन्या पूजन करना श्रेष्ठ रहता है। कन्याओं की संख्या 9 हो तो अति उत्तम नहीं तो दो कन्याओं से भी काम चल सकता है। इस वर्ष इन तिथियों को लेकर उलझन की स्थिति इसलिए है क्योंकि 23 तारीख से सप्तमी उपरांत अष्टमी और 24 तारीख को अष्टमी और नवमी तिथि लग रही है। यही स्थिति दशमी तिथि को लेकर भी है क्योंकि 25 तारीख को नवमी उपरांत दशमी लग रही है। इसलिए उलझन यह है कि किस दिन कौन सी तिथि मान्य होगी?  इस विषय में हमारे शास्त्र और धर्मग्रंथ का प्रमाण यथोचित दिया जा रहा है? शास्त्रों में बताया गया है कि जिस दिन सूर्योदय के समय आश्विन शुक्ल अष्टमी तिथ...

मां दुर्गा के इन सिद्घ मंत्रों से पूरी होगी हर मनोकामना

मां दुर्गा के इन सिद्घ मंत्रों से पूरी होगी हर मनोकामना जो धन संबंधी परेशानियों से बुरी तरह परेशान हैं वह अपनी गरीबी दूर करने के लिए नियमित माता के इस सिद्घ मंत्र का जप करें।दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः। सवर्स्धः स्मृता मतिमतीव शुभाम् ददासि।। संतान सुख के साथ ही धन धान्य की प्राप्ति की इच्छा रखने वाले भक्त माता के इस मंत्र का नियमित जप करें। सर्वाबाधा वि निर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः।मनुष्यों मत्प्रसादेन भवष्यति न संशय॥ अच्छा समय है तो बुरा समय भी आ सकता है। जब कभी बुरा समय आ जाए और आपको संकट से निकलने का कोई मार्ग नहीं मिले तो दुर्गा सप्तशती के इस विपत्ति हरण मंत्र का जप करना चाहिए। यह बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है। शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते।। बेहतर स्वास्थ्य के साथ धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति की कामना रखने वालों के लिए यह सिद्घ मंत्र है इस मंत्र का नियमित जप आपकी धन और बेहतर स्वास्थ्य की कामना पूरी करेगा।ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः। शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै।। जन्म और मृत्यु का चक्र हमेशा चलता रहता...