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हनुमान चालीसा का महत्व

 हनुमान चालीसा का 100 बार जप करने पर आपको सभी भौतिकवादी चीजों से मुक्त करता है। हनुमान चालीसा का 21 बार जाप करने से धन में वृद्धि होती है। 19 बार हनुमान चालीसा का जाप करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। हनुमान चालीसा का 7 बार जाप करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है। हनुमान चालीसा का 1 बार जप करने से भगवान हनुमान का आशीर्वाद मिलता है और आपको हर स्थिति में विजयी होने में मदद मिलती है। मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का 1 बार जप करने से हनुमान जी का आशीर्वाद मिलता है और मंगल दोष, साढ़े साती जैसे हर दोष का निवारण होता है। भगवान हनुमान जी का नाम जप करने से आपके आसपास एक सकारात्मक आभा का निर्माण होता है। राम नाम का जप या राम हनुमान का कोई भी राम भजन, हनुमान जी को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है क्योंकि वे भगवान श्री राम जी से सबसे अधिक प्रेम करते हैं। यदि आप एक विशेष दोहा का जप करते हैं बल बुधि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार यदि आप अध्ययन से पहले 11 बार इस दोहा का जप करते हैं, तो 27 दिनों से पहले अध्ययन के प्रति आपकी एकाग्रता बढ़ेगी भूत पिशाच निकट नहीं आवै महावीर जु नाम सुनावे अगर आप इस श...

प्रेतबाधा से बचने के उपाय

#प्रश्न-- प्रेत बाधा को दूर करने का उपाय?  #उत्तर-प्रेतबाधाको दूर करनेके अनेक उपाय हैं; जैसे- (१) शुद्ध पवित्र होकर, सामने धूप जलाकर पवित्र आसनपर बैठ जाय और हाथमें जलका लोटा लेकर 'नारायणकवच (श्रीमद्भागवत, स्कन्ध ६, अध्याय ८ में आये) का पूरा पाठ करके लोटेपर फूँक मारे ।  इस तरह कम-से-कम इक्कीस पाठ करे और प्रत्येक पाठके अन्तमें लोटेपर फूँक मारता रहे । फिर उस जलको प्रेतबाधावाले व्यक्तिको पिला दे और कुछ जल उसके शरीरपर छिड़क दे। (२) गीताप्रेससे प्रकाशित 'रामरक्षास्तोत्र' को उसमें दी हुई विधिसे सिद्ध कर ले। फिर रामरक्षास्तोत्रका पाठ करते प्रेतबाधावाले व्यक्तिको मोरपंखोंसे झाड़ा दे। (३) शुद्ध-पवित्र होकर 'हनुमानचालीसा' के सात, इक्कीस या एक सौ आठ बार पाठ करके जलको अभिमन्त्रित करे। फिर उस जलको प्रेतबाधावाले व्यक्तिको पिला दे। (४) गीताके 'स्थाने हृषीकेश तव प्रकीर्तया (११ । ३६)-इस श्लोकके एक सौ आठ पाठोंसे अभिमन्त्रित जलको भूतबाधावाले व्यक्तिको पिला दे। (५) प्रेतबाधावाले व्यक्तिको भागवतका सप्ताह- पारायण सुनाना चाहिये। (६) प्रेतसे उसका नाम आदि पूछकर किसी शुद्ध- पवित्र ब्राह्म...