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भक्ष्य अभक्ष्य निर्णय

  भक्ष्य अभक्ष्य निर्णय   ~~~~~~~~~ प्रतिपत्सु च कुष्माण्डमभक्ष्यमर्थनाशनम्!! द्वितीयायां च वृहती भोजने न स्मरेद्धरिम्!! अभक्ष्यं च पटोलं च शत्रुवृद्धि करं परम्! तृतीयायां चतुर्थ्यां च मूलकं धन नाशनं !! कलंकारणम् चैव पँचम्यां विल्वभक्षणं! रोग वृद्धिकरं चैव नराणां ताल भक्षणं!! सप्तम्यां तथा तालं शरीरस्य च नाशनम्! नारिकेल फलं भक्ष्यमष्टम्यां वुद्धिनाशनम्!! तुम्बी नवम्यां गोमांसं दशम्यां च कलम्बिका ! एकादश्यां तथा शिम्बी द्वादश्यां पूतिका तथा!! त्र्योदश्यां च वार्ताकी भक्षणं पुत्र नाशनम्!! -------प्रतिपदा को कुष्माण्ड न खाएं!! द्वितीया की वृहती(भटकटैया) निषेध है!! तृतीया को परवल निषेध है--शत्रुओ की वृद्धि होती है!! चतुर्थी को मूली धन का नाश करने वाली है!! पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है!! षष्ठी को नीम की पत्ती ,फल या दातुन मुंह मे डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है!! सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर क्षीण होता है!! अष्टमी को नारियल खाने से वुद्धि क्षीण होती है!! नवमी को गोल लौकी त्याज्य है!! दशमी को कलम्बी का शाक त्याज्य है!! एकादशी को शिम्बी खाने से सन्तत...