सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

होलिका लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

होलाष्टक विचार

🔥🔥🔥 होलाष्टक विचार 🔥🔥🔥 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ विपाशेरावती तीरे                 शुतुद्रयाश्च त्रिपुष्करे। विवाहादि शुभे नेष्टं-             होलिकाप्राग्दिनाष्टकम् ।। होलाष्टक के शाब्दिक अर्थ पर जायें, तो होला + अष्टक अर्थात होली से पूर्व के आठ दिन, जो दिन होता है, वह होलाष्टक कहलाता है। सामान्य रुप से देखा जाये तो होली एक  दिन का पर्व न होकर पूरे नौ दिनों का त्यौहार है।  होलाष्टक के समय शुभ कार्य वर्जित होते है यह फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी को लगता है होलाष्टक फिर आठ दिनों तक रहता है इस वर्ष होलाष्ट आठ की जगह नौ दिन तक रहेगा इसमें सभी शुभ मांगलिक कार्य रोक दिए जाते है यह दुलहंडी पर रंग खेलकर खत्म होता है। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी पर 2 डंडे स्थापित किए जाते हैं। जिनमें एक को होलिका तथा दूसरे को प्रह्लाद माना जाता है। इससे पूर्व इस स्थान को गंगा जल से शुद्ध किया जाता है  फिर हर दिन इसमे गोबर के उपल , लकड़ी घास और जलने में सहायक चीजे डालकर इसे बड़ा किया जाता है। पौराणिक कथाओ एवं शास्त्रों में बताया ग...