सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

हनुमान लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सर्वरोग निवारक श्रीहनुमद्वडवानलस्तोत्रम्

  श्रीहनुमद्वडवानलस्तोत्रम्   〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️🚩 सर्वरोगनिवारक, धन प्रदायक, सर्वशत्रु शमनकर्ता, राजभय निवारक, तंत्र-मंत्र-यंत्र भय निवारक, भूत-प्रेत-शाकिनी-डाकिनी आदि से रक्षा देने वाला, नवग्रह पीड़ा शांत करने वाला, अनेकों लाभ देने वाला विभीषण कृत हनुमान स्तोत्र।। ★ इस स्तोत्र के पाठ से पहले और बाद में एक-एक बार श्रीरामरक्षा स्तोत्र या हनुमान कवच का पाठ अवश्य कर लेना चाहिए, सूक्ष्म जगत के आक्रमण से सुरक्षा हेतु यह आवश्यक है।  बाकी हनुमान जी की पूजा सम्बन्धी विधि-निषेध का पालन करते हुए इसका पाठ करें। सर्वविध लाभ होगा।  ★ यदि किसी आवेश का अनुभव करें तो 15 मिनट ""सीताराम"" जप करें।  श्रीगणेशाय नमः । ॐ अस्य श्रीहनुमद्वडवानलस्तोत्रमन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, श्रीवडवानलहनुमान् देवता, (श्रीहनुमान् वडवानल देवता) ह्रां बीजं, ह्रीं शक्तिः, सौं कीलकं, मम समस्तविघ्नदोषनिवारणार्थे, सर्वशत्रुक्षयार्थे, सकलराजकुलसंमोहनार्थे, मम समस्तरोगप्रशमनार्थे, आयुरारोग्यैश्वर्याभिवृद्ध्यर्थे, समस्तपापक्षयार्थे, श्रीसीतारामचन्द्रप्रीत्यर्थे हनुमद्वडवानलस्तोत्रजपे विनियोगः (सङ्कल्पः) ॥ अथ ध्...

हनुमान जयंती पर पढ़ें हनुमानजी के जन्म की कथा

हनुमान जन्मोत्सव विशेष 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ पवन पुत्र हनुमान के जन्म की कहानी 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ ज्योतिषीयों के सटीक गणना के अनुसार हनुमान जी का जन्म 1 करोड़ 85 लाख 58 हजार 114 वर्ष पहले चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्र नक्षत्र व मेष लग्न के योग में सुबह 06:03 बजे हुआ था। इस वर्ष हनुमान जी का जन्मोत्सव 8 अप्रैल 2020 बुधवार के दिन मनाया जाएगा। हनुमान जी की माता अंजनि के पूर्व जन्म की कहानी 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ कहते हैं कि माता अंजनि पूर्व जन्म में देवराज इंद्र के दरबार में अप्सरा पुंजिकस्थला थीं। ‘बालपन में वो अत्यंत सुंदर और स्वभाव से चंचल थी एक बार अपनी चंचलता में ही उन्होंने तपस्या करते एक तेजस्वी ऋषि के साथ अभद्रता कर दी थी। गुस्से में आकर ऋषि ने पुंजिकस्थला को श्राप दे दिया कि जा तू वानर की तरह स्वभाव वाली वानरी बन जा, ऋषि के श्राप को सुनकर पुंजिकस्थला ऋषि से क्षमा याचना मांगने लगी, तब ऋषि ने कहा कि तुम्हारा वह रूप भी परम तेजस्वी होगा। तुमसे एक ऐसे पुत्र का जन्म होगा जिसकी कीर्ति और यश से तुम्हारा नाम युगों-युगों तक अमर हो जाएगा, अंजनि को वीर पुत्र का आशीर्वाद मिला।...