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भगवान तिरुपति बालाजी

कैसे बने भगवान विष्णु तिरुपति बालाजी  〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️                  एक बार समस्त देवताओं ने मिलकर एक यज्ञ करने का निश्चय किया । यज्ञ की तैयारी पूर्ण हो गयी । तभी वेद ने एक प्रश्न किया तो एक व्यवहारिक समस्या आ खड़ी हुई । ऋषि-मुनियों द्वारा किए जाने वाले यज्ञ की हविष्य तो देवगण ग्रहण करते थे । लेकिन देवों द्वारा किए गए यज्ञ की पहली आहूति किसकी होगी ? यानी सर्वश्रेष्ठ देव का निर्धारण जरुरी था, जो फिर अन्य सभी देवों को यज्ञ भाग प्रदान करे ।   ब्रह्मा-विष्णु-महेश परम् अात्मा हैं । इनमें से श्रेष्ठ कौन है ? इसका निर्णय आखिर हो तो कैसे ? भृगु ने इसका दायित्व सम्भाला । वह देवों की परीक्षा लेने चले । ऋषियों से विदा लेकर वह सर्व प्रथम अपने पिता ब्रह्मदेव के पास पहुँचे ।   ब्रह्मा जी की परीक्षा लेने के लिए भृगु ने उन्हें प्रणाम नहीं किया । इससे ब्रह्मा जी अत्यन्त कुपित हुए और उन्हें शिष्टता सिखाने का प्रयत्न किया । भृगु को गर्व था कि वह तो परीक्षक हैं, परीक्षा लेने आए हैं । पिता-पुत्र का आज क्या रिश्ता ? भृगु ने ब्रह्म देव...

भगवान श्री राम की बहन - शांता

भगवान श्री राम की बहन - शांता रामायण और महाभारत महाकाव्य के रुप में भारतीय साहित्य की अहम विरासत तो हैं ही साथ ही हिंदू धर्म को मानने वालों की आस्था के लिहाज से भी ये दोनों ग्रंथ बहुत महत्वपूर्ण हैं। आम जनमानस पर इनके प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले रामायण के ही क्षेत्र और भाषायी आधार पर 300 से अधिक संस्करण मिलते हैं। हर कथा मूल रुप से एक समान लगती है लेकिन इनमें कुछ रोचक और भिन्न किस्से भी मिलते हैं। अब तक आप जिस रामायण से परिचित हैं उसमें भगवान श्री राम और लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के रुप में उनके तीन भाईयों के बारे में जानकारी मिलती है।  राम का बनवास और सीता हरण से लेकर रावण के वध, अयोध्या वापसी और गर्भवती सीता को त्यागने की कहानी भी मिलती है। लव-कुश की कथा भी इसी का हिस्सा है। लेकिन क्या कभी आपने सुना है कि भगवान राम की कोई बहन भी थी। शायद नहीं सुना होगा लेकिन यह सच है। चलिये आपको बताते हैं कौन थीं भगवान श्री राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की बहन। प्रभु श्री राम की बहन शांता की कथा!!!! दक्षिण भारत में प्रचलित रामायण कथा के अनुसार भगवान श्री राम...

भगवान श्रीकृष्ण की-सौलह कलायें!!!!!!!!

भगवान श्रीकृष्ण की-सौलह कलायें!!!!!!!! भगवान विष्णु के अवतारों के बारे में तो आपने सुना होगा और साथ ही यह भी सुना होगा कि सभी अवतारों में भगवान श्री कृष्ण श्रेष्ठ अवतार थे क्योंकि वे संपूर्ण कला अवतार थे जबकि बाकि जन्मों में जब भगवान विष्णु ने अवतार रूप लिया तो कुछ कलाओं के साथ ही लिया जिससे वे संपूर्ण अवतार नहीं कहलाये। ऐसे में इन कलाओं के बारे में जानना जरूरी हो जाता है आखिर कौनसी कलाएं थी भगवान श्री कृष्ण में जो उन्हें पूर्णावतार बनाती हैं। आइये जानते हैं। कला वैसे सामान्य शाब्दिक अर्थ के रूप में देखा जाये तो कला एक विशेष प्रकार का गुण मानी जाती है। यानि सामान्य से हटकर सोचना, सामान्य से हटकर समझना, सामान्य से हटकर खास अंदाज में ही कार्यों को अंजाम देना कुल मिलाकर लीक से हटकर कुछ करने का ढंग व गुण जो किसी को आम से खास बनाते हों कला की श्रेणी में रखे जा सकते हैं। भगवान विष्णु ने जितने भी अवतार लिये सभी में कुछ न कुछ खासियत होती थी वे खासियत उनकी कला ही थी। भगवान श्री कृष्ण को चूंकि संपूर्ण कला अवतार माना जाता है इसलिये कलाओं की संख्या भी सोलह ही मानी जाती है। श्री संपदा* ...

नृसिंह भगवान

भगवान विष्णु के चतुर्थ अवतार श्री नरसिंह भगवान के प्रकटोत्सव की शुभमंगलकामनाएं :- ------------------------------------------------------------------------------------------------ हिन्दू पंचांग के अनुसार नृसिंह प्रकटोत्सव वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है... अग्नि पुराण में वर्णित कथाओं के अनुसार इसी पावन दिवस को भक्त प्रहलाद की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह रूप में अवतार लिया था..... जिस कारणवश यह दिन भगवान नृसिंह के प्रकटोत्सव के रूप में बड़े ही धूमधाम और हर्सोल्लास के साथ मनाया जाता है...  हिरण्याक्ष की मृत्यु का बदला लेने के लिए राक्षसराज हिरण्यकशिपु ने कठिन तपस्या करके अजेय होने का वरदान प्राप्त कर लिया था... वरदान प्राप्त करते ही अहंकारवश वह प्रजा पर अत्याचार करने लगा और उन्हें तरह-तरह के यातनाएं और कष्ट देने लगा.... जिससे प्रजा अत्यंत दुखी रहती थी...  इन्हीं दिनों हिरण्यकशिपु की पत्नी कयाधु ने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम प्रह्लाद रखा गया... राक्षस कुल में जन्म लेने के बाद भी बचपन से ही श्रीहरि विष्णु भक्ति से प्रह्लाद को गहर...

भगवान अय्यप्पा और सबरीमाला का संक्षिप्त परिचय

भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है विश्‍व प्रसिद्ध सबरीमाला का मंदिर। यहां हर दिन लाखों लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में  महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटा दिया है। करीब 800 साल पुराने इस मंदिर में ये मान्यता पिछले काफी समय से चल रही थी कि  महिलाओं को मंदिर में प्रवेश ना करने दिया जाए।  इसके कुछ कारण बताए गए थे। आईये जानते हैं इस मंदिर के इतिहास और स्थिति के बारे में। कौन थे अयप्पा? 🚩💐🙏🚩💐🙏🚩💐🙏 1.भगवान अयप्पा के पिता शिव और माता मोहिनी हैं। विष्णु का मोहिनी रूप देखकर भगवान शिव का वीर्यपात हो गया था। उनके वीर्य को पारद कहा गया और उनके वीर्य से ही बाद में सस्तव नामक पुत्र का जन्म का हुआ जिन्हें दक्षिण भारत में अयप्पा कहा गया। शिव और विष्णु से उत्पन होने के कारण उनको ' हरिहरपुत्र' कहा जाता है। इनके अलावा भगवान अयप्पा को अयप्पन, शास्ता, मणिकांता नाम से भी जाना जाता है। इनके दक्षिण भारत में कई मंदिर हैं उन्हीं में से एक प्रमुख मंदिर है सबरीमाला। इसे दक्षिण का तीर्थस्थल भी कहा जाता है।   ?...