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ये 6 काम नहीं करना चाहिए

ये 6 काम नहीं करना चाहिए, इन्हें करने से जवानी में ही बूढ़े हो सकते हैं
कहते हैं पहला सुख निरोगी काया और दूसरा पास हो माया यानी धन। इसका मतलब है इंसान कितना भी पैसा क्यों न कमा ले। यदि उसका शरीर स्वस्थ नहीं है तो वो सुखी नहीं माना जा सकता है। इसका कारण ये है कि अभावों में खुश रहा जा सकता है, लेकिन रोगी शरीर हो तो अपार सुखों में भी दु:ख होता है। यही कारण है कि शास्त्रों में स्वास्थ्य को धन से भी अधिक महत्व दिया गया है, क्योंकि खराब सेहत आपकी आर्थिक हालात भी बिगाड़ सकती है।
इसलिए अच्छी सेहत के लिए सबसे जरूरी है, नियमित और सुनियोजित दिनचर्या और जीवनशैली। जिनकी दिनचर्या नियमित नहीं होती है वे समय से पहले ही बूढ़े हो जाते हैं। इसलिए शास्त्रों में कुछ बातें कहीं गई हैं जिनका ध्यान रखकर कोई भी उम्र भर जवान बना रह सकता है। इन बातों को अपनाने पर आप कई रोगों से भी बच सकते हैं। गरुड़ पुराण के आचारखण्ड में लिखा गया है कि -
अत्यम्बुपानं कठिनाशनं च धातुक्षयो वेगविधारणं च।
दिवाशयो जागरणं च रात्रौ षड्भिर्नराणां निवसन्ति रोगा:।।
सरल शब्दों में मतलब है कि दिनचर्या में लापरवाही के छ: कारण आपको गंभीर रोगों का शिकार बनाकर जल्द ही वृद्धावस्था की ओर धकेल उम्र घटा देते हैं।
गरुड़ पुराण के इस जीवन उपयोगी सूत्र के मुताबिक इन 6 कामों में सावधानी बरत आप स्वस्थ्य रहकर लंबी आयु पा सकते हैं और लंबी उम्र तक जवान बने रह सकते हैं -
- बहुत ज्यादा मात्रा में पानी पीना।
- भारी यानी गरिष्ठ भोजन करना।
- धातु क्षीणता या वीर्य स्खलन।
- मल-मूल का वेग रोकना।
- दिन में सोना।
- रात में जागना।

गरुड़ पुराण के इन आदतों को भी उम्र घटाने वाला माना गया है।
- खान-पान में दही का उपयोग।
- सूखा मांस खाना।
- सू्र्योदय के वक्त मैथुन, सूर्योदय के वक्त सोना।
- वृद्धा स्त्री से संपर्क व रजस्वला स्त्री का मुंह देखना।
ये छ: काम भी प्राणनाशक साबित हो सकते  हैं। इसके अलावा श्मशान के संपर्क में रहने से, ज्यादा सहवास, अग्नि में हाथ सेंकना व सुबह-सुबह की धूप का ज्यादा संपर्क भी उम्र घटाने वाला होता है।

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