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इंसान बनाम जानवर

जापान में एक व्यक्ति अपने घर को तोड़ कर दोबारा बनवा रहा था।

जापान में घरों में लकड़ी की दीवारों में आमतौर पर खाली जगह रहती है।

जब उस घर की दीवारों को तोड़ रहे थे तो उस दीवार की खाली जगह में एक छिपकली फंसी हुई मिली। उस छिपकली के पैर में दीवार के बाहर की तरफ से निकल कर एक कील घुसी हुई थी।

जब उस छिपकली को देखा तो उस पर तरस तो आया ही साथ ही एक जिज्ञासा भी हुई क्योंकि जब कील को जांचा गया तो पता चला कि ये कील मकान बनाते समय 2 वर्ष पहले ठोकी गई थी।

क्या हुआ था?

छिपकली 2 वर्षों से एक ही जगह फंसी रहने के बावजूद जिन्दा थी!!

दीवार के एक छोटे से अँधेरे हिस्से में बिना हिले-डुले 2 वर्षों तक जिन्दा रहना असम्भव था।

ये वाकई हैरानी की बात थी कि छिपकली 2 वर्षों से जिन्दा कैसे थी! वो भी बिना एक कदम हिलाये, क्योंकि पैर दीवार से निकली कील में फंसा हुआ था।

सो वहाँ काम रोक दिया गया और छिपकली को देखने लगे कि वो क्या करती है और क्या और कैसे खाती है।

थोड़ी देर बाद पता नहीं कहाँ से एक और छिपकली आ गई जिसके मुंह में खाना था।

ये देख कर लोग हैरानी से सुन्न हो गये और ये बात उनके दिल को छू गई।

जो छिपकली पैर में कील घुसी होने की वजह से एक ही जगह फंस गई थी, दूसरी छिपकली पिछले 2वर्षों से उसका पेट भर रही थी!!!!

अद्भुत! एक छिपकली द्वारा अपने साथी के प्रति बिना उम्मीद छोड़े ये सेवा पिछले 2 वर्षों से लगातार बिना थके चल रही थी।

अब आप सोचिये कि एक नन्हा सा जीव जो काम कर सकता है क्या कोई बुद्धिमान व्यक्ति उस काम को नहीं कर सकता।

हो सकता है कि आपके कदमों तले सारी दुनिया हो लेकिन उनके लिये केवल आप ही उनकी दुनिया हो


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