सोमवार, 21 अगस्त 2017

॥ एकश्लोकी भागवतम् ॥

॥ एकश्लोकी भागवतम् ॥


आदौ देवकिदेविगर्भजननं गोपीगृहे वर्धनम्
मायापूतनजीवितापहरणं गोवर्धनोद्धारणम् ।

कंसच्छेदनकौरवादिहननं कुंतीसुतां पालनम्
एतद्भागवतं पुराणकथितं श्रीकृष्णलीलामृतम् ।

इति श्रीभागवतसूत्र

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