शनिवार, 27 जनवरी 2018

भगवन्नाम

वासुदेवं हृषीकेशं वामनं जलशायिनम् ।
जनार्दनं हरिं कृष्णं श्रीवक्षं गरुडध्वजम् ॥
वाराहं पुंडरीकाक्षं नृसिंहं नरकांतकम् ।
अव्यक्तं शाश्वतं विष्णुमनंतमजमव्ययम् ॥ 

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